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नशे ने बर्बाद की जिंदगी:87 साल की बुजुर्ग मां को बिस्तर से उठा जमीन पर पटका, चोट लगने से हो गई मौत

पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - Dainik Bhaskar

बिस्तर पर पड़ी 87 साल की वृद्ध महिला को उसके शराबी बेटे ने मार डाला। महिला को अपने इसी बेटे से बेहद लगाव था। पति की माैत के बाद वह उसी के साथ रहती थी। महिला के पेंशन से दोनों का खर्च चलता था। घटना बुधवार की देर रात तोरवा क्षेत्र में हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

देवरीखुर्द निवासी 87 वर्षीय सिरमती बाई पति मिट्‌ठू यादव रेलकर्मी थे। महिला के दो बेटे हैं। पति की मौत के बाद वह अपने छोटे बेटे परस राम यादव उर्फ मुंडू 35 वर्ष के साथ रहती थी, जबकि बड़ा बेटा शंकर यादव पास के ही एक दूसरे मकान में परिवार के साथ रहता था।

परस शराब पीने का आदी था और उसकी शादी नहीं हुई थी। 18 फरवरी की सुबह करीब पांच बजे महिला का बड़ा बेटा शंकर उसके घर के पास से गुजरा तो दरवाजा खुला देखा। उसने इतनी सुबह कभी अपनी मां के घर को खुला नहीं पाया था। उसे कोई हलचल भी नजर नहीं आई तो वह भीतर चला गया।

उसकी नजर जमीन पर लहुलुहान पड़ी अपनी मां पर गई। उसके सिर,चेहरे व अन्य स्थानों पर चोंट के निशान थे। उसकी माैत हो चुकी थी। शंकर ने आसपास अपने छोटे भाई परस को ढूंढा पर वह नजर नहीं आया। फिर शंकर ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

तोरवा टीआई परिवेश तिवारी स्टॉफ के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव का पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामला हत्या का था। इसलिए सबसे पहले गायब परस पर संदेह हुआ। उसकी तलाश शुरू की गई। वह तोरवा चौक के घूमता मिल गया। पुलिस उसे लेकर थाने आई और हत्या के संबंध में पूछताछ की। जब कड़ाई बरती तो टूट गया। उसने अपनी मां की हत्या करना स्वीकार कर लिया।

नशा इतना चढ़ा कि भूल गया मां ही उसके लिए सब कुछ थी
हत्याकांड के पीछे जो कहानी निकलकर सामने आई है उसके अनुसार आरोपी परस यादव शराब पीने का आदी था। उसकी मां को पति का पेंशन मिलता था। परस शराबी था फिर भी उसकी मां को उसके प्रति अधिक लगाव था। वह उसी के साथ रहना चाहती थी।

बड़ा बेटा शंकर उसे कई बार अपने साथ ले जाने आया पर उसने मना कर दिया था। महिला के पेंशन से ही मां बेटे का खर्च चलता था। इसकी आधी से अधिक रकम परस शराब में खर्च कर देता था। इसी बात को लेकर मां उससे डांटती थी और विवाद होता था।

महिला काफी वृद्ध हो चुकी थी। इसके कारण वह बिस्तर से उठ नहीं पाती थी। खाना-पीना, शौच सब कुछ बिस्तर पर ही होता था। परस शराबी जरूर था पर उसकी सेवा करता था। खाना बनाकर देता था और बिस्तर, कपड़े की साफ सफाई भी करता था।

शराब पीने के बाद मां बेटे के बीच में विवाद होता था। यह बात शंकर व महिला के घर के आसपास रहने वाले लोगों ने पुलिस को बताई। रोज की तरह 17 फरवरी बुधवार की रात परस शराब पीकर घर आया। शराब के नाम पर देर रात तक मां-बेटे के बीच में विवाद हुआ।

परस ने उस रात अधिक शराब पी थी। रात दो से तीन बजे के बीच उसने अचानक मां से मारपीट शुरू कर दी और उसे बिस्तर से उठाकर पटक दिया। जमीन पर गिरने से महिला का शरीर लोहे की कुर्सी से टकराया। इससे उसके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में चोट आई और माैके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परसराम अपनी मां को छोड़कर घर से भाग गया।

पुलिस अंतिम संस्कार में ले गई मुक्तिधाम तक
आरोपी परस यादव का कहना था कि नशे में था इसलिए सब कुछ हो गया। वह थाने में मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गुहार लगाता रहा। पुलिस उसे मुक्तिधाम तक लेकर गई। बड़े बेटे शंकर ने मां का दाह संस्कार किया।

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